Friday, June 8, 2012

इस विचित्र देश के कुछ दुर्लभ सीन जिस देश में गंगा बहती है-I


हमारा देश एक विचित्र देश है. जितना विचित्र हमारा देश है. उससे कहीं अधिक विचित्र हमारे नेता लोग हैं. कोई ऐसा मुद्दा जिस में कुछ भी राजनीति करने की गुंजाइश हो उसको हमारे नेता लोग किस तरह लपकते हैं यह व्यंग उसका उदाहरण हैं. पेश है एक ऐसा ही मुद्दा - दिनांक १६ अगस्त - कलमाड़ी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अपील की. उनका कहना है की वह उन्होंने जो भी पाप किये है उनको वह गंगा में नहाकर धोना चाहते हैं.  इसको लेकर अपने समर्थन में उन्होंने तमाम ग्रंथों और पुराणों का हवाला दिया. 

दिनांक १७ अगस्त - १२ बजे -  सुप्रीम कोर्ट ने धर्म कर्म में उनकी आस्था को देखते हुए उनकी जमानत ४ दिनों के लिए मंजूर की. (क्यूंकि कोर्ट पहले भी आस्था के आधार पर अपना फैसला एक और मुकदमे में दे चुकी है.)

१ बजे- प्रधानमंत्री ने गंगा की सफाई के लिए १००० करोड़ की अतिरिक्त राशि मंजूर की.

२ बजे -  येदीयुरप्पा ने भी कर्नाटक से लेकर हरिद्वार तक की यात्रा का ऐलान किया.

३ बजे -  कलमाड़ी ने समस्त भ्रष्ट कांग्रेसियों से अपने पाप धोने की अपील की. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली से हरिद्वार तक पैदल यात्रा करेंगे. उन्होंने समस्त कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं से उनकी यात्रा से जुड़ने का आह्वान किया और कहा कि वह भी अपने पाप धो डालें. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक और अपील दायर की,  जिस में उन्हों ने कहा कि उनकी जमानत की अवधि ४ दिनों से बढाकर १ माह की जाय.

४ बजे - मंत्रिमंडल की आपात बैठक में गंगा की सफाई के लिए १० लाख करोड़ रुपये मंजूर.

५ बजे -  लालकृष्ण अडवाणी के घर बीजेपी की बैठक. अडवानी ने  बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी गंगा में जाकर पाप धोने की अपील की. साथ ही
प्रधानमंत्री से अपील की गंगा की सफाई के लिए ५० लाख करोड़ रुपये मंजूर किये जाये,  अगर सरकार चाहे तो इसके लिए विश्व बैंक से लोन भी ले सकती है.

६ बजे -  बीजेपी के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने ने सारी जिम्मेदारी आलाकमान पर डाल दी. 

७ बजे- देश भर में तहलका क्यूंकि अभी अभी खबर आई कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निशंक ने गंगा में स्नान किया. 

८ बजे -  हर की पौड़ी में एनएसजी कमांडो तैनाम केन्द्र ने राज्य सरकार की आलोचना की. सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करार दिया. और कहा कि
अगर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की गयी तो सरकार अनुच्छेद ३५६ के तहत सरकार को बर्खास्त कर सकती है. साथ ही सरकार ने राज्यपाल से भी इस मामले पर रिपोर्ट माँगी.

९ बजे - निशंक ने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य सरकार से सौतेला बर्ताव कर रही है. उन्होंने इसके विरोध में एक बड़ी रैली करने की बात कही.

१० बजे -  देश भर में बवाल. कई और दलों ने भी अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से गंगा नहाने की अपील की. एक दल ने तो कहा कि आजकल देश भर में  लोकपाल नामक बीमारी की बड़ी चर्चा है. अगर वह पास हो गया तो वैसे भी पाप करने का मौका नहीं मिलेगा इसलिए हम पुराने पाप धो डालें. ताकि सारे पाप धोकर नए सिरे से राजनीति कर सकें.

११ बजे -  सोनिया गाँधी के घर आपात बैठक. दिल्ली से लेकर हरिद्वार तक धारा १४४ लगाने की सुझाव.

१२ बजे -  मायावती और निशंक ने धारा १४४ लगाने से मना किया. निशंक ने जहाँ गंगा में नहाने को पुण्य का कार्य बताया वहीँ मायावती ने इसे मनुवादियों
की साजिश करार किया. और कहा कि यह उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र है. साथ ही अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह इस साजिश को नाकाम करने के लिए दिन रात एक कर दें.

१ बजे -  मीडिया ने कई दलों के कार्यकर्ताओं को गंगा में नहाते हुए अपने कैमरों में कैद किया. देश भर में बवाल. 

दिनांक १८ अगस्त -  प्रातः ४ बजे -  माँ गंगा ने घबराकर शिवजी से प्रार्थना की कि वह एक माह तक उन्हें अपनी जटाओं से मुक्त ना करें.

५ बजे- नारायण सामी ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया. उन्होंने इसके लिए माँ गंगा और शिवजी पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया. साथ ही धमकी भी
दी की इसके लिए उनके ऊपर संसद की अवमानना का केस भी दर्ज हो सकता है. 

६ बजे- अब्दुल्ला बुखारी ने इस सबको धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा बताया. उन्होंने अफज़ल गुरु और कसाब से कहा कि वह भी हज पर जाने के लिए जमानत
मांगें.  

७ बजे -  मुलायमसिंह,  लालूप्रसाद यादव और रामविलास पासवान ने एक सयुंक्त संवाददाता सम्मेलन में अब्दुल्ला बुखारी की मांग का समर्थन किया. 

८ बजे - दिग्विजय सिंह ने कहा कि कलमाड़ी गंगा से लेकर उस समुन्दर की यात्रा करें जहाँ ओसामाजी दफ़न हैं,  इससे कांग्रेस को हिंदू और मुसलमान दोनों के
वोट मिलेंगे. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कलमाड़ी को १ साल तक जमानत देने का अनुरोध किया. और सरकार से भी कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है
तो सरकार उन पर से मुकदमा वापस ले ले. 

९ बजे -  प्रधानमंत्री घबराकर १० जनपथ पहुंचे. सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री के बीच वार्ता.

१० बजे -  बीजेपी ने नारायण सामी की आलोचना की. उनके बयान को हिंदू धर्म का अपमान बताया. 

११ बजे -  प्रधानमंत्री ने कहा कि एक कमेटी कलमाड़ी की यात्रा का आयोजन करेगी. कपिल सिब्बल उस कमेटी के प्रमुख होंगे. 

१२ बजे - कपिल सिब्बल ने कहा कमेटी ने फैसला किया है कि सरकार तमाम यात्रा का खर्च वहन करेगी क्यूंकि जब सरकार हज पर जाने वालों को सब्सिडी दे सकती है तो  इस यात्रा का खर्च क्यूँ वहन नहीं कर सकती? उन्होंने आगे कहा कि सरकार के धर्मनिरपेक्ष स्वरुप को बरकरार रखने के लिए सरकार को इस यात्रा का खर्चा सरकार को वहन करना ही पड़ेगा.लेकिन सरकार को क्यूंकि इस तरह कि यात्राओं का कोई अनुभव नहीं है इसलिए सरकार तमाम ट्रवेल एजेंसियों से टेंडर मांगेगी.

१ बजे -  कलमाड़ी ने भी टेंडर भरा. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उन्हें बहुत अनुभव है इसलिए राष्ट्रहित में उन्हें भी टेंडर भरने का अधिकार है. 

१ बजकर २ मिनट - सरकार ने टेंडर से ट्रवेल एजेंसियों की शर्त हटाई.

२ बजे - ए राजा ने कहा अगर सरकार कलमाड़ी को तो टेंडर भरने दे रही है. तो मुझे उन टेंडरों को पास और फेल करने का अधिकार दे. क्यूंकि मुझे भी इसका
बड़ा लंबा तजुर्बा है.

२ बजकर २ मिनट - सरकार ने राजा की बात मानी. राजा ने पहले लाओ पहले पाओ ( मतलब पहले आओ पहले पाओ ) की नीति का पालन करने की बात कही. 

३ बजे - देश के सारे कैदियों ने भी जमानत की अपील दाखिल की. सबने इसके लिए कलमाड़ी के फैसले को आधार बनाया कुछ ने गंगा नहाने के लिए. कुछ ने हज के लिए कुछ ने ननकाना साहिब की यात्रा के लिए तो कुछ ने वेटिकन की यात्रा के लिए जमानत मांगी.

४ बजे -  सभी धर्मों के धर्माचार्यों ने सुप्रीम कोर्ट को बधाई देते हुए कहा कि उसके एक फैसले से पूरे देश में धर्म कर्म का माहौल बन गया है.

५ बजे - प्रधानमंत्री ने इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाई. जिस में कोई फैसला नहीं हो पाया. बीजेपी ने कहा कि सरकार तत्काल लोक सभा का विशेष सत्र
बुलाए. जिसकी बैठक रात १२ बजे भी शुरू हो सकती है. 

६ बजे -  पूरे देश में तहलका. लोग सड़कों पर उतरे. 

७ बजे से अगले दिन १० बजे तक -  अपनी डपली अपना राग बजना शुरू. 

दिनांक १९ अगस्त -  ११ बजे- सुप्रीमकोर्ट ने कलमाड़ी समेत सभी कैदियों की जमानत रद्द की. न्यायालय ने कहा कि धार्मिक आज़ादी और आस्था के विषय कोर्ट
तय नहीं कर सकती. कोर्ट का काम सिर्फ कानूनों का पालन करवाना है.

१२ बजे - देश पुराने ढर्रे पर वापस लौटा




प्रकाश  कुकरेती 
साभार:भड़ास4मीडिया.कॉम